शुक्रवार, 19 जून 2015

502 . यह तन मेरा नहीं

५०२ 
यह तन मेरा नहीं 
मैं परमानन्द नहीं 
जन्म मरण के चक्कर में 
पीसने वाला हूँ क्या ?
मैं अनंत परमात्मा नहीं 
अमीर या गरीब नहीं 
सफल या विफल नहीं 
ऊंच या नीच नहीं 
जो मरते वो मैं नहीं 
तेरी ही प्रतिभासित छाया 
अजर अमर मैं आत्मा हूँ !

सुधीर कुमार ' सवेरा '

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